संदर्भ और स्रोत
यह गीत जॉन लेनन द्वारा लिखा गया था और इसे 1967 के अंत में लिखा गया था, संभवतः तब जब द बीटल्स ने महारिशी महेश योगी के एक सेमिनार में हिस्सा लिया था। लेनन ने एक बार कहा था कि यह गीत उनके और उनकी पत्नी के बीच बातचीत के दौरान उनके मन में बेहद ऑटोमेटिक रूप से आया था। वह अपने बिस्तर पर लेटे हुए थे जब उन्हें यह विचार आया कि "पेन के तालाब, खुशी की लहरें" जैसे शब्द बह रहे हैं। इस पंक्ति को लेनन ने अपने विचारों में सुना और अंततः इसे गीत के रूप में परिणत किया। (स्रोत: https://de.wikipedia.org/wiki/Across_the_Universe)
गीत में शामिल संस्कृत शब्दांश "जै गुरु देव, ओम" महारिशी महेश योगी के गुरु देव के प्रति श्रद्धांजलि है। 'जै' का अर्थ है 'जीवित रहो' या 'विजय', और 'ओम' हिंदू और बौद्ध धर्म में एक पवित्र ध्वनि है। यह पंक्ति उस समय के लिए महत्वपूर्ण है जब द बीटल्स ने भारतीय आध्यात्मिकता को अपनाना शुरू किया। लेनन ने 1970 में कहा था कि यह उनके द्वारा लिखे गए सबसे अच्छे गीतों में से एक हो सकता है। (स्रोत: https://de.wikipedia.org/wiki/Across_the_Universe)